क्वांटम कम्प्यूटिंग : अनुप्रयोग तथा चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय तैयारियों की समीक्षा
19 अप्रैल, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 6,003.65 करोड़ की कुल लागत के साथ 2023-24 से 2030-31 तक की अवधि हेतु 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' (National Quantum Mission) को मंजूरी प्रदान की गई है।
- इस मिशन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा अन्य विभागों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। मिशन का उद्देश्य इंटरमीडिएट स्तर के क्वांटम कंप्यूटर का विकास करना है। साथ ही, सुरक्षित संचार व्यवस्था का निर्माण करना है।
- 21वीं सदी अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करने वाला एक ऐसा युग बनने की ओर अग्रसर है, जो मनुष्यों के लिए असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी पूरा करने में सक्षम ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां

