विनिर्माण: कोर सेक्टर
भारत के मुख्य क्षेत्र में 8 कोर सेक्टर शामिल हैं: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली।
- कोर सेक्टर की विकास दर भारतीय अर्थव्यवस्था के समग्र स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण संकेतक है। मुख्य क्षेत्र में मज़बूत विकास दर अक्सर सकारात्मक आर्थिक दृष्टिकोण का संकेत देती है।
- कोर सेक्टर के प्रदर्शन को देश के समग्र औद्योगिक और आर्थिक प्रदर्शन का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है, जो अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को मापने तथा भविष्य के आर्थिक रुझानों के पूर्वानुमान हेतु बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (Index of Eight ....
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