GlowCas9 प्रोटीन

दिसंबर 2025 में, कोलकाता स्थित बोस संस्थान के वैज्ञानिकों ने GlowCas9 विकसित किया, यह एक CRISPR प्रोटीन है, जो जीन संपादन (Gene Editing) करते समय स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करता है, जिससे आनुवंशिक रोगों और कैंसर के उपचार को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

  • GlowCas9 वास्तव में Cas9 का एक जैव-दीप्तिमान (Bioluminescent) संशोधित संस्करण है।
    • इसे Cas9 को गहरे समुद्र में पाए जाने वाले झींगा (shrimp) से प्राप्त स्प्लिट नैनो-लुसिफरेज़ एंजाइम (Split Nano-luciferase Enzyme) के साथ जोड़कर बनाया गया है।
  • जब यह संपादित प्रोटीन कोशिका के भीतर सही ढंग से संयोजित होता है, तो यह प्रकाश उत्सर्जित करता है, जिससे शोधकर्ता यह देख सकते ....
कुल सवाल: 1
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गुजरात स्थित दुर्लभ रोगों हेतु बायोबैंक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह भारत का पहला बायोबैंक है, जो विशेष रूप से लाइसोज़ोमल स्टोरेज डिसऑर्डर्स के लिए समर्पित है और इसे सरकारी वित्तपोषण प्राप्त है।
  2. इसका मुख्य उद्देश्य केवल आनुवंशिक सामग्री को संग्रहीत करना है, बिना संबंधित नैदानिक डेटा के, ताकि रोगियों की गुमनामी सुनिश्चित की जा सके।
  3. लाइसोज़ोमल स्टोरेज डिसऑर्डर्स विशिष्ट एंजाइमों की कमी के कारण उत्पन्न होते हैं, जिससे कोशिकाओं के भीतर अपघटित न हो सकने वाले पदार्थों का संचय होता है।
  4. एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी (ERT) अधिकांश लाइसोज़ोमल स्टोरेज डिसऑर्डर्स को पूरी तरह ठीक कर सकती है, जिनमें मस्तिष्क को प्रभावित करने वाले भी शामिल हैं।

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