डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वाणिज्यिक अभिव्यक्ति

अगस्त 2025 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को सोशल मीडिया प्रभावकों के नियमन हेतु दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया।

  • यह निर्देश न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ द्वारा उस मामले में दिया गया, जिसमें संवेदनशील समूहों के विरुद्ध आपत्तिजनक सामग्री का प्रश्न उठा था।

संवैधानिक स्थिति एवं न्यायिक विकास

  • सर्वोच्च न्यायालय ने निरंतर यह माना है कि वाणिज्यिक अभिव्यक्ति को अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त है।
  • वाणिज्यिक विज्ञापन:
    • सूचना के प्रवाह को बढ़ाते हैं
    • उपभोक्ताओं को सूचित आर्थिक निर्णय लेने में सहायता करते हैं।
  • टाटा प्रेस लिमिटेड बनाम महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड मामले में न्यायालय ने वाणिज्यिक ....
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