VELC (आदित्य-L1 कोरोनाग्राफ)

नवंबर 2025 में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों ने, नासा के सहयोग से, आदित्य-L1 मिशन पर स्थापित VELC (Visible Emission Line Coronagraph) के डेटा का उपयोग करके कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के प्रमुख मानकों का सफलतापूर्वक आकलन किया।

  • यह दृश्य प्रकाश में किसी CME का प्रथम स्पेक्ट्रोस्कोपिक अवलोकन है।

VELC क्या है?

  • VELC, आदित्य-L1 का प्रमुख पेलोड है, जो:
    • सूर्य–पृथ्वी लैग्रांज बिंदु L1 के पास स्थापित है।
  • यह एक आंतरिक रूप से आवृत्त कोरोनाग्राफ (Internally Occulted Coronagraph) है, जो सूर्य के अत्यधिक चमकीले डिस्क को अवरुद्ध करता है और उसके आसपास के धुंधले सौर कोरोना का अध्ययन करता है।

कुल सवाल: 1
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आदित्य–L1 पर स्थापित विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह एक एक्सटर्नली ऑक्ल्टेड कोरोनाग्राफ है, जिसे सूर्य की डिस्क को अलग अंतरिक्ष यान घटक से अवरुद्ध कर बाहरी कोरोना का अवलोकन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  2. यह आंतरिक सौर कोरोना की एक साथ इमेजिंग, स्पेक्ट्रोस्कोपी और स्पेक्ट्रो-पोलारिमेट्री करने में सक्षम है।
  3. यह केवल अल्ट्रावायलेट क्षेत्र में कोरोना उत्सर्जन रेखाओं का अवलोकन करता है।
  4. यह सूर्य के निकट कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के प्रारंभिक त्वरण चरण का अध्ययन करने में सक्षम है।
  5. अदित्य–L1 अंतरिक्ष यान को सूर्य–पृथ्वी L1 बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित किया गया है, जिससे पृथ्वी की छाया के बिना सूर्य का निरंतर अवलोकन संभव होता है।

सही विकल्प चुनिए:

A
केवल 2, 4 और 5
B
केवल 1, 2, 3 और 5
C
केवल 2, 3 और 4
D
केवल 1, 4 और 5
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