प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण

जुलाई 2025 में, भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेश निर्मित ‘प्रलय’ मिसाइल के लगातार दो सफल परीक्षण किए।

  • परीक्षणों के दौरान, मिसाइल ने अपनी अधिकतम और न्यूनतम दोनों रेंजों पर उच्च सटीकता के साथ निर्धारित लक्ष्यों पर प्रहार किया और सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • ये परीक्षण 'यूज़र ट्रायल्स' (उपयोगकर्ता परीक्षणों) का हिस्सा थे, जिनमें भारतीय सशस्त्र बलों की भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं का आकलन किया गया।
  • इन परीक्षणों की निगरानी DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, भारतीय वायु सेना, भारतीय थल सेना और रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों द्वारा ....
कुल सवाल: 1
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'प्रलय' मिसाइल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह सतह-से-सतह पर मार करने वाली, ठोस-ईंधन आधारित अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है जो बीच रास्ते में अपनी दिशा बदलने में सक्षम है।
  2. इसे केवल फिक्स्ड साइलो (fixed silos) से लॉन्च किया जा सकता है, जो संचालन के दौरान इसकी तैनाती के लचीलेपन को सीमित करता है।
  3. यह महत्वपूर्ण पेलोड क्षमता के साथ पारंपरिक और रणनीतिक दोनों तरह के युद्धक हथियार ले जाने में सक्षम है।
  4. मिसाइल की गतिशीलता दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों की पकड़ से बचने की इसकी क्षमता को बढ़ाती है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

A
केवल 1 और 2
B
केवल 1, 3 और 4
C
केवल 2, 3 और 4
D
1, 2, 3 और 4
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