विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजातियाँ

जनवरी 2026 में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों (De-notified, Nomadic and Semi-Nomadic Tribes – DNTs) ने अपनी संवैधानिक मान्यता तथा जनगणना 2027 में एक पृथक कॉलम (Column) की मांग उठाई, ताकि उनके लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक हाशियेकरण (Marginalisation) को दूर किया जा सके।

  • यह मांग स्वतंत्रता के बाद अनेक सुधारों के बावजूद नीतिगत ढाँचों में उनकी अदृश्यता के प्रति बढ़ती असंतोष को दर्शाती है।

संस्थागत ढाँचा एवं सिफारिशें

  • रेणके आयोग (Renke Commission, 2008) ने DNT समुदायों की गंभीर सामाजिक एवं आर्थिक वंचना (Deprivation) को उजागर किया।
  • इदाते आयोग (Idate Commission, 2018) ने DNT समुदायों के ....
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