भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण
अगस्त 2025 में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 30 व्यापारिक भागीदार देशों के 123 सह-संबंधी बैंकों को 26 भारतीय बैंकों के साथ 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते (SRVAs) खोलने की अनुमति दी, ताकि स्थानीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके।
- विशेष रुपया वोस्त्रो खाते (SRVAs) विदेशी बैंकों को भारतीय मुद्रा रखने की अनुमति देते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेन-देन का निपटान किया जा सके।
- भारतीय रुपये में द्विपक्षीय व्यापार निपटान से लेन-देन लागत कम होती है तथा निर्यातकों की अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता घटती है।
- नोस्ट्रो खाता (Nostro Account) वह खाता होता है, जिसे कोई घरेलू बैंक विदेशी देश में विदेशी ....
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