पैन 2.0 परियोजना
नवंबर 2025 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करदाता पंजीकरण प्रणाली के पुनर्रचना (re-engineering) हेतु ₹1,435 करोड़ के व्यय के साथ पैन 2.0 परियोजना (PAN 2.0 Project) को मंजूरी दी।
- इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा स्थायी खाता संख्या (PAN) प्रणाली को डिजिटल-प्रथम शासन के अनुरूप पुनर्गठित करना है।
- यह PAN को सभी केंद्रीय एवं राज्य सरकारी विभागों में एक “सामान्य व्यवसाय पहचानकर्ता” के रूप में स्थापित करता है।
- यह परियोजना एकीकृत डिजिटल इंटरफ़ेस के माध्यम से “वन-स्टॉप-शॉप (One-Stop-Shop)” दृष्टिकोण को सक्षम बनाती है, जिससे व्यवसाय पंजीकरण और अनुपालन सरल हो जाता है।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के साथ एकीकरण से विभिन्न एजेंसियों के बीच वास्तविक समय ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

