क्यूरेटिव याचिका

नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में मिनरल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में 9-न्यायाधीशीय पीठ के निर्णय के विरुद्ध क्यूरेटिव याचिका (Curative Petition) दायर की।

  • उक्त निर्णय में राज्यों को खनन अधिकारों एवं खनिज-समृद्ध भूमि पर कर लगाने का अधिकार दिया गया था तथा यह माना गया कि रॉयल्टी कर नहीं है।

उत्पत्ति एवं प्रक्रिया ढाँचा

  • क्यूरेटिव याचिका, पुनर्विचार याचिका के खारिज होने के बाद उपलब्ध अंतिम विधिक उपाय है।
  • इस अवधारणा को सर्वोच्च न्यायालय ने रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा, 2002 मामले में विकसित किया।
  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है ....
कुल सवाल: 1
1

ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. ऊर्जा दक्षता ब्यूरो एक सांविधिक निकाय है, जिसे ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत नीतियों को लागू करने के लिए स्थापित किया गया है।
  2. अधिनियम यह अनिवार्य करता है कि सभी घरेलू और वाणिज्यिक भवनों को ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
  3. अधिनियम में 2022 का संशोधन घरेलू कार्बन बाज़ार की स्थापना के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

A
केवल एक
B
केवल दो
C
सभी तीन
D
कोई नहीं
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