भारतनेट चरण-III : अंतिम मील कनेक्टिविटी हेतु PPP मॉडल

जनवरी 2026 में, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने भारतनेट कार्यक्रम के तीसरे चरण के अंतर्गत दो अतिरिक्त अनुबंध प्रदान किए, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजना को तेज़ी मिली।

  • भारतनेट चरण-III का उद्देश्य देश के शेष 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक उच्च गति ब्रॉडबैंड पहुंचाना है।
  • यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का उपयोग करती है, ताकि ग्रामीण नेटवर्क के संचालन और रखरखाव को अधिक कुशल बनाया जा सके।
  • इसमें 3-स्तरीय संरचना राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर तथा जिला स्तर शामिल है, जो देशभर में मिडिल-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करती है।
  • निजी भागीदारों को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है, ....
कुल सवाल: 1
1

भारतनेट चरण–III के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इसका उद्देश्य भारत के सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
  2. इसे पूरी तरह सरकारी वित्तपोषण से लागू किया जा रहा है, इसमें निजी भागीदारी नहीं है।
  3. अंतिम चरण की कनेक्टिविटी के लिए यह सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) मॉडल अपनाता है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A
केवल 1 और 2
B
केवल 1 और 3
C
केवल 2 और 3
D
1, 2 और 3
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष