राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति, 2025

सितंबर 2025 में, भारत सरकार ने राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति, 2025 अधिसूचित की, जो नेट-ज़ीरो लक्ष्य 2070 को प्राप्त करने तथा ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • यह नीति प्रयोगात्मक परियोजनाओं से आगे बढ़कर व्यावसायिक स्तर पर जोर देती है और 2030 तक भू-तापीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड में एकीकृत करने का लक्ष्य रखती है।

नीति के प्रमुख बिंदु

  • अनुसंधान एवं सर्वोत्तम प्रथाएँ: अनुसंधान, अंतर-मंत्रालयी सहयोग और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने को प्रोत्साहन।
  • राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ एकीकरण: नेट-ज़ीरो 2070 एवं नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ संरेखण।
  • विविध उपयोग:
    • बिजली उत्पादन
    • अंतरिक्ष ताप/शीतलन
    • कृषि (ग्रीनहाउस, कोल्ड ....

कुल सवाल: 1
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राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति 2025 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस नीति में 2030 तक भारत के राष्ट्रीय ग्रिड में भू-तापीय ऊर्जा को शामिल करने की परिकल्पना की गई है।
  2. भारत का पहला सफल “वेल-टू-वायर” भू-तापीय परियोजना हिमाचल प्रदेश के मणिकरण में पूरी हुई।
  3. नीति परित्यक्त तेल और गैस कुओं का उपयोग भू-तापीय ऊर्जा उत्पादन के लिए बढ़ावा देती है।
  4. भारत की भू-तापीय क्षमता मुख्यतः केवल तटीय अवसादी बेसिनों में केंद्रित है।

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A
केवल 1 और 3
B
केवल 1, 2 और 3
C
केवल 2 और 4
D
केवल 1, 3 और 4
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