स्मारक संरक्षण एवं निजी भागीदारी
जनवरी 2026 में संस्कृति मंत्रालय ने संरक्षित स्मारकों के संरक्षण में निजी एजेंसियों की भागीदारी को अनुमति दी, जो पारंपरिक रूप से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India – ASI) की जिम्मेदारी रही है।
- इस पहल का उद्देश्य निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता एवं वित्तीय संसाधनों का उपयोग करना है, जबकि ASI की निगरानी भूमिका बरकरार रखी जाएगी।
नीतिगत परिवर्तन एवं धरोहर प्रबंधन
- संस्कृति मंत्रालय ने “एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0 प्रोग्राम” कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य कॉर्पोरेट भागीदारी के माध्यम से पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
- निजी संस्थाओं को “स्मारक सारथी (Smarak Sarathi)” के रूप में नामित किया जाता है, जो ....
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