डिजिटल गोल्ड पर SEBI की चेतावनी

नवंबर 2025 में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने खुदरा निवेशकों को अनियमित ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डिजिटल गोल्ड खरीदने के प्रति सावधान करने हेतु उच्च-स्तरीय परामर्श जारी किया।

  • डिजिटल गोल्ड एक आभासी वित्तीय उत्पाद है, जिसमें निवेशक छोटे-छोटे अंशों में भौतिक सोना खरीद सकते हैं।
  • वर्तमान में डिजिटल गोल्ड एक अनियमित वित्तीय साधन है, जिस पर न तो भारतीय रिज़र्व बैंक और न ही SEBI का प्रत्यक्ष नियामकीय नियंत्रण है।
  • इन उत्पादों को बेचने वाले मध्यस्थ के पास पंजीकृत निवेश सलाहकार या ब्रोकर के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं होते।
  • यह उत्पाद प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956 के तहत “प्रतिभूति” की श्रेणी ....
कुल सवाल: 1
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भारत में ‘डिजिटल गोल्ड’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की प्रत्यक्ष देखरेख में विनियमित वित्तीय साधन है।
  2. पंजीकृत स्टॉकब्रोकरों को खुदरा निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने हेतु डिजिटल सोना बेचने की अनुमति भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा दी गई है।
  3. वर्तमान में डिजिटल सोना प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956 की ‘प्रतिभूतियों’ की परिभाषा से बाहर है।

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

A
केवल एक
B
केवल दो
C
सभी तीन
D
कोई नहीं
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