संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD)

संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (United Nations Convention to Combat Desertification - UNCCD) के COP16 (16वाँ पक्षकार सम्मेलन) का समापन 13 दिसंबर, 2024 को रियाद, सऊदी अरब में हुआ।

  • यह सम्मेलन पहली बार मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र में आयोजित किया गया, जो एक महत्वपूर्ण भौगोलिक उपलब्धि है।

मुख्य परिणाम

  • ग्लोबल ड्रॉट फ्रेमवर्क (Global Drought Framework)
    • सदस्य देशों ने ग्लोबल ड्रॉट फ्रेमवर्क (Global Drought Framework) के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की।
    • इसे COP17 (मंगोलिया, 2026) में अंतिम रूप दिया जाएगा।
  • वित्तीय प्रतिबद्धताएँ
    • देशों ने मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखा से निपटने हेतु 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई।
    • रियाद ....

कुल सवाल: 1
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संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए कन्वेंशन (UNCCD) के COP16 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. COP16 पहली बार मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में आयोजित हुआ।
  2. COP16 में एक कानूनी रूप से बाध्यकारी ग्लोबल ड्रॉट फ्रेमवर्क अपनाया गया।
  3. अंतरराष्ट्रीय सूखा लचीलापन वेधशाला का संचालन अंतरराष्ट्रीय सूखा लचीलापन गठबंधन के अंतर्गत होता है।
  4. UNCCD को रियो सम्मेलन में एजेंडा 21 की सिफारिशों के बाद अपनाया गया।

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