PRATUSH टेलीस्कोप (चंद्रमा आधारित रेडियो खगोल विज्ञान)

सितंबर 2025 में रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने PRATUSH (Probing ReionizATion of the Universe using Signal from Hydrogen) के लिए एक डिजिटल रिसीवर प्रणाली का प्रयोगशाला मॉडल विकसित किया।

PRATUSH क्या है?

  • PRATUSH एक प्रस्तावित रेडियो टेलीस्कोप है, जिसका उद्देश्य:
  • o21-सेमी हाइड्रोजन रेखा का अवलोकन करना है।
  • यह संकेत प्रारंभिक ब्रह्मांड के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चंद्रमा के दूरस्थ भाग का महत्व

  • PRATUSH को चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर स्थापित किया जाएगा।
  • इसके प्रमुख लाभ:
    • पृथ्वी से आने वाले रेडियो फ्रीक्वेंसी हस्तक्षेप (Radio Frequency Interference – RFI) से पूर्ण सुरक्षा
    • एक रेडियो-शांत वातावरण (Radio-quiet Environment)
    • यह पृथ्वी आधारित ....


कुल सवाल: 1
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PRATUSH दूरबीन के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:

कथन I: PRATUSH को चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर स्थापित करने का प्रस्ताव है ताकि प्रारंभिक ब्रह्मांड से आने वाले 21-सेमी हाइड्रोजन लाइन सिग्नल का अवलोकन किया जा सके।

कथन II: चंद्रमा का दूरस्थ भाग एक प्राकृतिक रेडियो-शांत वातावरण प्रदान करता है, जो पृथ्वी के रेडियो-फ्रीक्वेंसी हस्तक्षेप और आयनोस्फेरिक विक्षोभ से मुक्त होता है।

सही विकल्प चुनिए:

A
दोनों I और II सही हैं, और II, I का सही स्पष्टीकरण है
B
दोनों I और II सही हैं, लेकिन II, I का सही स्पष्टीकरण नहीं है
C
I सही है, लेकिन II गलत है
D
I गलत है, लेकिन II सही है
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