राज्यपाल का अभिभाषण: संवैधानिक विवाद
जनवरी 2026 में केरल एवं तमिलनाडु में वर्ष के प्रथम सत्र के प्रारंभ पर राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर विवाद उत्पन्न हुए।
संवैधानिक प्रावधान एवं परंपराएँ
- अनुच्छेद 176 के अनुसार, राज्यपाल को प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र में राज्य विधानसभा को संबोधित करना अनिवार्य है।
- यह अभिभाषण राज्य सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जिसे राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा तैयार किया जाता है।
- स्थापित संवैधानिक परंपराओं के अनुसार, राज्यपाल को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित भाषण को यथावत पढ़ना चाहिए।
विवेकाधिकार की सीमाएँ एवं प्रक्रियात्मक पहलू
- अनुच्छेद 175 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन को किसी भी समय संबोधित करने ....
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