कृषि में डीप-टेक क्रांति

फरवरी 2026 में, मुंबई में आयोजित AI4Agri 2026 शिखर सम्मेलन (ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन AI इन एग्रीकल्चर एंड इन्वेस्टर समिट, 2026) में केंद्र सरकार ने कहा कि भारत की अगली कृषि क्रांति कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा संचालित होगी। यह तकनीक अनियमित मौसम, सूचना विषमता तथा खंडित बाज़ारों जैसी दीर्घकालिक चुनौतियों के लिए विस्तार योग्य समाधान प्रदान करने में सक्षम है।

  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सेंसर का उपयोग खेतों में मृदा नमी, तापमान और पोषक तत्व स्तर की वास्तविक समय निगरानी के लिए किया जाता है।
  • AI-संचालित कंप्यूटर विज़न प्रणाली तैयार फसलों में कीट और रोग की प्रारंभिक पहचान संभव बनाती है।
  • ड्रोन का उपयोग उर्वरकों ....
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भारत में ‘डीप-टेक’ के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. कंप्यूटर विज़न तकनीक का उपयोग पौधों की बीमारियों की प्रारंभिक पहचान हेतु पत्तियों के चित्र-आधारित विश्लेषण में किया जाता है।
  2. ड्रोन शक्ति पहल विशेष रूप से निजी स्टार्टअप्स को कृषि ड्रोन के विकास में भाग लेने से बाहर रखती है।
  3. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सक्षम वैरिएबल रेट टेक्नोलॉजी फसलों पर जल और उर्वरकों का स्थल-विशिष्ट अनुप्रयोग संभव बनाती है।

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