भारत में मासिक धर्म अवकाश
मार्च 2026 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने यह चिंता व्यक्त की कि वेतन सहित अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश (Paid Menstrual Leave) को कानूनी अधिकार बनाने से कार्यस्थल पर भेदभाव बढ़ सकता है और महिलाओं के करियर अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
- फरवरी 2026 में, डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार वाद में, सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Menstrual Health and Hygiene—MHH) को अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी।
न्यायिक अवलोकन एवं संवैधानिक अधिकार
- सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में MHH को जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत मौलिक अधिकार माना।
- याचिकाकर्ताओं का ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

