भारत में मासिक धर्म अवकाश

मार्च 2026 में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने यह चिंता व्यक्त की कि वेतन सहित अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश (Paid Menstrual Leave) को कानूनी अधिकार बनाने से कार्यस्थल पर भेदभाव बढ़ सकता है और महिलाओं के करियर अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

  • फरवरी 2026 में, डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार वाद में, सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Menstrual Health and Hygiene—MHH) को अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी।

न्यायिक अवलोकन एवं संवैधानिक अधिकार

  • सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में MHH को जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत मौलिक अधिकार माना।
  • याचिकाकर्ताओं का ....
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