जनसंख्या विस्फोट से जनसंख्या स्थिरीकरण की ओर

मार्च 2026 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के आंकड़ों ने पुष्टि की कि भारत उप-प्रतिस्थापन प्रजनन स्तर तक पहुँच चुका है, जिससे “जनसंख्या विस्फोट” की अवधारणा काफी हद तक निष्प्रभावी हो गई है।

प्रजनन दर एवं प्रतिस्थापन स्तर के रुझान

  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के अनुसार भारत का कुल प्रजनन दर (TFR) 2.0 दर्ज किया गया है।
  • भारत पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से नीचे आ गया है।
  • क्षेत्रीय असमानताएँ अभी भी विद्यमान हैं; दक्षिणी राज्यों जैसे केरल में TFR लगभग 1.7 तक दर्ज किया गया है।
  • भारत की जनसंख्या के 2060 के दशक तक लगभग 1.7 अरब ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष