भारत में किशोरावस्था गर्भधारण से निपटना

जनवरी 2025 में प्रकाशित अध्ययन “टीनएज प्रेगनेंसी एंड मदरहुड इन इंडिया (Teenage Pregnancy and Motherhood in India)” के अनुसार, बाल विवाह में कमी के बावजूद किशोरावस्था गर्भधारण (Adolescent pregnancy) की दर लगभग 6% बनी हुई है।

सामाजिक-आर्थिक कारक एवं क्षेत्रीय रुझान

  • बाल विवाह दर घटकर लगभग 24% हो गई है, फिर भी किशोरावस्था गर्भधारण लगभग 6% पर स्थिर है।
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के अनुसार पश्चिम बंगाल और बिहार में किशोर मातृत्व की दर सबसे अधिक है।
  • शीघ्र मातृत्व के लिए सामाजिक दबाव तथा लैंगिक असमानता किशोर गर्भधारण के प्रमुख कारण हैं।
  • आयु-आधारित पात्रता के कारण कई किशोर माताएँ कल्याणकारी योजनाओं ....

कुल सवाल: 1
1

भारत में किशोरावस्था गर्भधारण और संबंधित मातृ स्वास्थ्य योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. NFHS-5 के अनुसार पश्चिम बंगाल और बिहार उन राज्यों में शामिल हैं जहाँ किशोर गर्भधारण की दर सबसे अधिक है।
  2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) सभी गर्भवती महिलाओं को उनकी आयु की परवाह किए बिना वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।
  3. राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) विशेष रूप से 10–19 वर्ष आयु वर्ग को प्रजनन स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के लिए लक्षित करता है।
सही उत्तर चुनिए:
A
केवल एक
B
केवल दो
C
सभी तीन
D
कोई नहीं
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष