NISAR उपग्रह

जुलाई 2025 में प्रक्षेपित NISAR (NASA–ISRO Synthetic Aperture Radar), इसरो और राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन का संयुक्त मिशन है।

  • यह दुनिया का पहला मिशन है, जो ड्यूल-बैंड सिंथेटिक अपर्चर रडार का उपयोग करता है, जिससे उच्च-रिज़ॉल्यूशन, सभी मौसम तथा दिन-रात इमेजिंग संभव होती है।
  • इसे GSLV-F16 द्वारा प्रक्षेपित किया गया, जो पहली बार सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षा (Sun-synchronous Polar Orbit – SSO) में सफलतापूर्वक उपग्रह स्थापित करने में सक्षम हुआ।

प्रमुख विशेषताएँ

  • यह दुनिया का पहला ऐसा उपग्रह है जो एक साथ दो अलग-अलग रडार आवृत्तियों (L-बैंड और S-बैंड) का उपयोग करता है।
  • दोहरी आवृत्ति (Dual Band): इसमें नासा का L-बैंड (वनस्पतियों ....
कुल सवाल: 1
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NISAR उपग्रह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह पृथ्वी अवलोकन का पहला मिशन है, जो वैश्विक माइक्रोवेव इमेजिंग के लिए एक साथ L-बैंड और S-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार का उपयोग करता है।
  2. यह स्वीपSAR तकनीक का उपयोग करता है ताकि उच्च स्थानिक संकल्प (spatial resolution) और व्यापक कवरेज (wide swath) दोनों प्राप्त किए जा सकें।
  3. इसे जियोस्टेशनरी कक्षा में स्थापित किया जाएगा ताकि पृथ्वी के विशिष्ट क्षेत्रों का निरंतर अवलोकन किया जा सके।
  4. यह सतह विकृति का अध्ययन करने के लिए पूर्ण पोलारिमेट्रिक और इंटरफेरोमेट्रिक डेटा प्राप्त करने में सक्षम है।
  5. उपग्रह लगभग हर 12 दिन में पृथ्वी के उसी क्षेत्र का पुनः अवलोकन और इमेजिंग करेगा।

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