कोर मुद्रास्फीति में गिरावट बनाम स्थिर खाद्य मुद्रास्फीति

हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति रिपोर्ट ने एक महत्वपूर्ण विचलन को उजागर किया, जिसमें कोर मुद्रास्फीति 3.5% से नीचे आ गई, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 7% से ऊपर स्थिर बनी रही।

  • कोर मुद्रास्फीति (Core inflation) में अस्थिर खाद्य और ईंधन घटकों को शामिल नहीं किया जाता, ताकि अर्थव्यवस्था की मूलभूत मांग को दर्शाया जा सके।
  • हेडलाइन मुद्रास्फीति (Headline inflation) में संपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की टोकरी शामिल होती है, जिस पर खाद्य मूल्य के उतार-चढ़ावों का बड़ा प्रभाव पड़ता है।
  • वर्ष 2025 में स्थिर खाद्य मुद्रास्फीति का मुख्य कारण अनियमित मानसून और आपूर्ति-पक्ष की लॉजिस्टिक बाधाएँ रहीं।
  • कोर मुद्रास्फीति ....
कुल सवाल: 1
1

भारत में मुद्रास्फीति की प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. कोर मुद्रास्फीति की गणना हेडलाइन मुद्रास्फीति से अस्थिर खाद्य और ईंधन समूहों को हटाकर की जाती है।
  2. यदि कोर मुद्रास्फीति घट रही है, तो यह सामान्यतः संकेत देता है कि अर्थव्यवस्था में समग्र मांग धीमी हो रही है।
  3. मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के लिए प्राथमिक आधार के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का उपयोग करती है।
विकल्प
A
केवल एक
B
केवल दो
C
सभी तीन
D
कोई नहीं
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष