सी-बकथॉर्न एवं हिमालयी कुट्टू
अक्टूबर 2025 में, सी-बकथॉर्न (Sea Buckthorn) उत्पादों पर GST को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और वे अधिक सुलभ एवं बाज़ार-योग्य बन सकें।
- सी-बकथॉर्न एक कठोर पर्णपाती झाड़ी है, जो हिमालयी क्षेत्र के उच्च-ऊँचाई वाले शीत मरुस्थलों में पाई जाती है।
- इसे इसके अत्यधिक उच्च विटामिन-C की मात्रा के कारण “वंडर बेरी (Wonder Berry)” के नाम से जाना जाता है।
- यह पौधा वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिरीकरण तथा मृदा अपरदन नियंत्रण के माध्यम से विशेषकर लद्दाख क्षेत्र में महत्वपूर्ण पारिस्थितिक लाभ प्रदान करता है।
- हिमालयी कुट्टू (Himalayan Buckwheat) एक पोषक तत्वों से भरपूर, ग्लूटेन-मुक्त छद्म-अनाज (pseudo-cereal) ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

