भारत–रूस पारस्परिक लॉजिस्टिक समर्थन समझौता

दिसंबर 2025 में, रूस ने भारत के साथ पारस्परिक लॉजिस्टिक समर्थन (Reciprocal Exchange of Logistics Support—RELOS) समझौते को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की।

  • RELOS एक ऐसा प्रावधान है, जिसके अंतर्गत दोनों देशों की सशस्त्र सेनाएँ एक-दूसरे को निम्नलिखित लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर सकती हैं।

भारत–रूस रक्षा सहयोग का संदर्भ

  • भारत और रूस अपने रक्षा सहयोग को अपनी विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ मानते हैं।
  • दोनों देशों ने निम्नलिखित पर भी चर्चा की है:
    • चेन्नई–व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग।
    • नॉर्दर्न सी रूट में सहयोग।
  • RELOS का महत्व विशेष रूप से भारत के रूसी मूल के सैन्य प्लेटफॉर्म के रखरखाव में सैन्य अभ्यास, दौरे ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

प्रारंभिक विशेष