कोकिंग कोयला को “क्रिटिकल मिनरल” का दर्जा
जनवरी 2026 में, खनन मंत्रालय ने कोकिंग कोयला को आधिकारिक रूप से ‘क्रिटिकल मिनरल’ घोषित किया, ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ाया जा सके और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- क्रिटिकल मिनरल, वे खनिज होते हैं, जो आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक होते हैं तथा जिनकी आपूर्ति में उच्च जोखिम होता है।
- इनकी पहचान उनकी आर्थिक महत्ता और घरेलू स्तर पर विकल्पों की कमी के आधार पर की जाती है।
- इस वर्गीकरण से पर्यावरणीय स्वीकृतियों को सुव्यवस्थित करने तथा खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को तेज करने में सहायता मिलती है।
- क्रिटिकल मिनरल्स के अंतर्गत आने वाले खनिजों की नीलामी ....
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