फॉरएवर केमिकल्स (PFAS)
मई 2025 में, स्टॉकहोम कन्वेंशन के COP12 ने “लॉन्ग-चेन परफ्लुओरोकार्बोक्सिलिक एसिड्स” (LC-PFCAs) और उनके लवणों को अनुबंध A में शामिल करने का निर्णय लिया।
- 6 अक्टूबर, 2025 को, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य संपर्क एवं पैकेजिंग सामग्री में पर- और पॉलीफ्लोरोएल्किल पदार्थ (Per- and polyfluoroalkyl substances-PFAS) पर पूर्ण प्रतिबंध का मसौदा (draft) जारी किया।
- जनवरी 2026 की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, PFAS प्रदूषण से यूरोपीय संघ को 2050 तक लगभग €440 बिलियन का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
- PFAS 10,000 से अधिक कृत्रिम रसायनों का समूह है, जिनका उपयोग 1940 के दशक से विभिन्न औद्योगिक और उपभोक्ता उत्पादों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

