'नवचेतना': आंगनबाड़ियों के लिए गतिविधि आधारित पाठ्यक्रम
हाल ही में, 'नेशनल फ्रेमवर्क ऑफ अर्ली चाइल्डहुड स्टिमुलेशन-2024' (National Framework of Early Childhood Stimulation-2024) के अंतर्गत, भारत में माता-पिता, आंगनबाड़ियों (बाल देखभाल केंद्र) तथा आशा कार्यकर्ताओं के लिए गतिविधि-आधारित पाठ्यक्रम जारी किया गया है।
- इस पाठ्यक्रम का नाम 'नवचेतना' रखा गया है। यह कार्यक्रम बच्चे के पहले तीन वर्षों के दौरान मस्तिष्क के विकास के महत्त्व को रेखांकित करता है, जिस दौरान मस्तिष्क के 75% हिस्से का विकास होता है।
- कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की भाषा, साक्षरता, संख्यात्मक क्षमता तथा संवाद-कौशल को प्रोत्साहित करना है।
- इस पाठ्यक्रम को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, स्कूल शिक्षा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना

