जलवायु परिवर्तन का पर्वतीय पक्षियों पर प्रभाव
हाल ही में, बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science - IISc) के शोधकर्ताओं ने ग्लोबल इकोलॉजी एंड कंजर्वेशन (Global Ecology and Conservation) में एक शोध अध्ययन प्रकाशित किया है। इसमें पाया गया है कि कटाई (Logging) और जलवायु परिवर्तन उष्ण कटिबंधीय पर्वतीय पक्षियों के लिए खतरा पैदा करते हैं।
- शोधकर्ताओं ने 10 वर्षों से अधिक के समय के आंकड़ों की जांच करके उष्ण कटिबंधीय पर्वतों में निवास करने वाले पक्षी समुदायों पर वन कटाई और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन किया।
- उष्ण कटिबंधीय पर्वतीय वन अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र हैं, जो लगभग 150-200 मीटर की ऊंचाई ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 ब्लाइंड सबटेरेनियन मछली की नई प्रजाति की खोज
- 2 अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) स्थापना दिवस
- 3 जलवायु परिवर्तन का नीलगिरि वुड पिजन पर खतरा
- 4 मेगामलाई वन्यजीव अभयारण्य में 9 नई प्रजातियों की खोज
- 5 पश्चिमी घाट में दुर्लभ ‘अर्ध नर-अर्ध मादा’ केकड़े की खोज
- 6 पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश: IQAir रिपोर्ट
- 7 चंबल नदी प्रवाह पर CWC की सिफारिशें माँगी गईं
- 8 अघनाशिनी-वेदावती नदी-लिंकिंग परियोजना पर यूनेस्को की एडवाइजरी
- 9 स्टेट ऑफ इंडियाज़ एनवायरमेंट 2026, रिपोर्ट
- 10 WMO रिपोर्ट: पृथ्वी के 'ऊर्जा असंतुलन' में रिकॉर्ड वृद्धि

