आकाशीय बिजली को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग
10 से 11 मार्च, 2023 के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए राष्ट्रीय मंच (National Platform for Disaster Risk Reduction - NPDRR) के तीसरे सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान कुछ भारतीय राज्यों द्वारा आकाशीय बिजली गिरने (lightning) को प्राकृतिक आपदा मानने की मांग की गई।
मुख्य बिंदु
- क्षति: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department - IMD) के अनुसार, बिजली गिरने से हर साल करीब 2,500 लोगों की मौत होती है।
- सर्वाधिक प्रभावित: आकाशीय बिजली गिरने की परिघटना से सर्वाधिक प्रभावित किसान होते हैं और बारिश के मौसम में मौतें अधिक होती हैं।
- उत्पन्न समस्या: इसके कारण से हृदयाघात ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना

