बिल्स ऑफ लैडिंग बिल, 2025
10 मार्च, 2025 को लोक सभा द्वारा बिल्स ऑफ लैडिंग बिल, 2025 पारित करके 169 वर्ष पुराने औपनिवेशिक नौवहन कानून को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
- यह विधेयक इंडियन बिल्स ऑफ लैडिंग ऐक्ट, 1856 की जगह लेगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानकों के अनुरूप अधिक आधुनिक और सुलभ कानूनी ढांचा प्रदान करेगा।
प्रमुख प्रावधान
- भाषा का सरलीकरण और पुनर्गठन: नए कानून में जटिल कानूनी भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे इसे उद्योग से जुड़े हितधारक आसानी से समझ सकें।
- विधायी सुधार: केंद्र सरकार को नियम एवं निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है, जिससे यह कानून ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
सार्वजनिक नीति
- 1 आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025
- 2 तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025
- 3 राष्ट्रीय जलमार्ग (जेट्टी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025
- 4 आयात हेतु अधिमान्य टैरिफ के लिए 'उत्पत्ति का प्रमाण' आवश्यक
- 5 केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों हेतु एकीकृत पेंशन योजना (UPS) अधिसूचित
- 6 आव्रजन एवं विदेशी विधेयक, 2025
- 7 आरबीआई द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण दिशानिर्देशों में संशोधन

