तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025
28 मार्च, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025’ [The Oilfields (Regulation and Development) Amendment Act, 2025] को मंजूरी प्रदान की; विधेयक के रूप में इसे 24 मार्च, 2025 को राज्य सभा द्वारा तथा 12 मार्च, 2025 को लोक सभा द्वारा पारित किया गया था।
- इसका उद्देश्य तेल और गैस के अन्वेषण एवं उत्पादन को बढ़ावा देना, निवेश को आकर्षित करना और कानूनी ढांचे को सरल बनाना है।
- इससे ऊर्जा की उपलब्धता, सामर्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सहायक होगी।
प्रमुख प्रावधान
- राजस्वसाझेदारीव्यवस्था: ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
सार्वजनिक नीति
- 1 आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025
- 2 राष्ट्रीय जलमार्ग (जेट्टी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025
- 3 आयात हेतु अधिमान्य टैरिफ के लिए 'उत्पत्ति का प्रमाण' आवश्यक
- 4 केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों हेतु एकीकृत पेंशन योजना (UPS) अधिसूचित
- 5 आव्रजन एवं विदेशी विधेयक, 2025
- 6 बिल्स ऑफ लैडिंग बिल, 2025
- 7 आरबीआई द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण दिशानिर्देशों में संशोधन

