सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संभावनाएं, चुनौतियां एवं समाधान - डॉ. अमरजीत भार्गव
केंद्रीय बजट 2025-26 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की परिभाषा में बदलाव करते हुए निवेश और वार्षिक टर्नओवर की सीमा को बढ़ा दिया गया है, ताकि अधिक उद्यम इस श्रेणी में शामिल हो सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा, पहली बार व्यापार शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए एक विशेष योजना की घोषणा की गई है, जो समाज के कुछ विशेष वर्गों से आने वाले नवोदित व्यवसायियों को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करेगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल नए स्टार्टअप को बढ़ावा देना है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समावेशन को भी मजबूत ....
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