माइक्रोप्लास्टिक संकट : मानव स्वास्थ्य एवं पारिस्थितिक तंत्र के लिए अदृश्य खतरा
माइक्रोप्लास्टिक अब हमारी वायु, भोजन और जल स्रोतों में हर जगह मौजूद है, जिससे हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली भी प्रभावित हो रही है। वैज्ञानिक अभी इनके स्वास्थ्य और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक शोध कोशिकाओं, अंगों और पारिस्थितिक तंत्र के लिए गंभीर जोखिम की चेतावनी देते हैं। तेजी से फैलती यह समस्या और नियमन में देरी को देखते हुए, वैश्विक स्तर पर त्वरित और निर्णायक कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
माइक्रोप्लास्टिक वे सूक्ष्म प्लास्टिक कण हैं, जो वायु, जल, मृदा और यहाँ तक कि मानव शरीर के भीतर भी पाए जा रहे हैं। यह आज के समय ....
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