भारत में हरित वित्तपोषण पारितंत्र : नीतिगत ढांचा, चुनौतियां तथा अनिवार्यताएं - संपादकीय डेस्क
हरित वित्तपोषण, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करके भारत में धारणीय भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। सरकार द्वारा किये गए प्रयास, निजी क्षेत्र की भागीदारी एवं बढ़ते प्रौद्योगिकी-अनुकूलन ने साथ मिलकर देश में हरित वित्त के विकास को तीव्र किया है। हरित वित्तपोषण को अपनाने से सतत विकास में वृद्धि, कार्बन पदचिह्न में कमी तथा ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।
विश्व में ग्रीनहाउस गैसों के सबसे बड़े उत्सर्जकों में से एक के रूप में भारत को वर्ष 2070 तक अपने शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को ....
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