समुद्री जैव विविधता का दोहन: बीबीएनजे समझौता एवं धारणीयता संबंधी चिंताएं - डॉ. अमरजीत भार्गव
'राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे जैव विविधता' (BBNJ) समझौता देशों को उनके अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) से परे स्थित क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की अनुमति प्रदान करता है। इस समझौते के आधार पर समुद्री मौद्रिक लाभों को साझा करने के साथ समुद्री संरक्षण प्रयासों एवं सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे संपूर्ण मानव जाति के लाभ हेतु वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास, सूचना तक पहुंच, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण आदि के लिए नए मार्ग खुलेंगे।
2 जुलाई, 2024 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भारत को 'राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे जैव विविधता' (BBNJ) समझौते पर हस्ताक्षर ....
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