संगीत, नृत्य एवं नाट्य कला
उत्तर प्रदेश हमेशा से ही संगीत,नृत्य एवं नाट्य कला में समृद्ध रहा है और इनका प्रदेश के सन्दर्भ में एक विशद इतिहास रहा है।
- संगीत - प्रदेश में संगीत की दो धाराएं है - शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत ।
- समुद्रगुप्त को स्वर्ण सिक्कों पर वीणा बजाते हुए दिखाया गया है।
- बल्लभाचार्य के पुत्र विट्ठल नाथ ने ‘अष्टछाप’ नाम से कवियों का समूह बनाया, जो अच्छे संगीतकार भी थे।
- अमीर खुसरो - इनका जन्म उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित पटियाली गांव में 1253 ई. में हुआ था। हिन्दुस्तानी शैली के जनक अमीर खुसरो ने ईरानी तम्बूरे और भारतीय वीणा को मिलाकर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में क्षेत्रीय असमानताओं और स्थानिक विकास के पैटर्न
- 2 भारत की जनजातियाँ – FRA, PESA और पारिस्थितिक-सांस्कृतिक परिदृश्य
- 3 शहरीकरण की प्रवृत्तियाँ और सतत शहर
- 4 जनसंख्या गतिशीलता: प्रवासन पैटर्न, जनसांख्यिकीय लाभांश एवं जलवायु-जनित विस्थापन
- 5 वायु गुणवत्ता प्रबंधन – राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) कार्यान्वयन
- 6 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: नियम, चुनौतियाँ और समाधान
- 7 ठोस अपशिष्ट और लैंडफिल प्रबंधन
- 8 जलवायु-जनित आपदाएँ: अनुकूलन योजना और जलवायु वित्त का एकीकरण
- 9 सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम
- 10 चक्रवात: पूर्व चेतावनी प्रणाली और AI आधारित पूर्वानुमान

