सार्वजनिक-निजी R&D सहयोग पारिस्थितिकी तंत्र

भारत का सार्वजनिक-निजी R&D सहयोग तंत्र सरकारी अनुसंधान संस्थानों, उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) और उद्योगों को एक सूत्र में पिरोता है, ताकि नवाचार और तकनीक के व्यावसायीकरण (Commercialisation) को गति दी जा सके। यह पारिस्थितिक तंत्र रणनीतिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में तकनीक-आधारित विकास, आत्मनिर्भरता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के भारत के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को साकार करने का आधार है।

मूल अवधारणा

  • सार्वजनिक-निजी सहयोग: यह सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अनुसंधान (सरकारी शोध) को निजी क्षेत्र के नवाचार एवं बाजार की क्षमताओं के साथ जोड़ता है।
  • तकनीकी रूपांतरण: यह प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक को वास्तविक उत्पादों में बदलने (Scale-up) एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप ....

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