उच्च शिक्षा में विनियामक सुधार: प्रत्यायन एवं मूल्यांकन में परिवर्तन

उच्च शिक्षा में विनियामक सुधारों का केंद्रबिंदु प्रत्यायन (Accreditation) और मूल्यांकन (Assessment) प्रणालियों का रूपांतरण है, ताकि गुणवत्ता-आश्वासन, पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित की जा सके। इन सुधारों का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के उच्च शिक्षा पारितंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाना है।

लक्षित वर्ग (Targeted Segments)

  • विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान।
  • स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी।
  • संकाय सदस्य एवं शैक्षणिक प्रशासक।
  • प्रत्यायन एवं गुणवत्ता-आश्वासन से जुड़ी संस्थाएं।

हालिया विकास

  • विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) विधेयक, 2025: 15 दिसंबर 2025 को लोक सभा में प्रस्तुत यह विधेयक UGC, AICTE और NCTE को एकीकृत करते ....
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