अपशिष्ट-से-ऊर्जा

अपशिष्ट-से-ऊर्जा (Waste-to-Energy) उन तकनीकों का समूह है, जिनके माध्यम से नगरपालिकीय, औद्योगिक अथवा कृषि अपशिष्ट से बिजली, ऊष्मा या परिवहन ईंधन उत्पन्न किया जाता है।

मूल अवधारणा

  • इन तकनीकों में तापीय या जैविक प्रक्रियाओं के जरिए कचरे में निहित ऊर्जा को पुनः प्राप्त किया जाता है, जिससे लैंडफिल में जाने वाले अपशिष्ट की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आती है।

यह प्रौद्योगिकी कैसे कार्य करती है

  • दहन (इन्सिनरेशन): कचरे को 850°C से अधिक ताप पर जलाया जाता है। उत्पन्न ऊष्मा से भाप बनती है, जो टर्बाइन घुमाकर बिजली पैदा करती है।
  • गैसीकरण: सीमित ऑक्सीजन या भाप की उपस्थिति में कचरे को गर्म ....
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