कुटियाट्टम रंगमंच परंपरा: संरक्षण पहल

सितंबर 2025 में, संगीत नाटक अकादमी ने कुटियाट्टम (कूडियाट्टम) कलाकारों और आवासीय गुरुकुल प्रणाली का समर्थन करने के लिए एक उन्नत फेलोशिप कार्यक्रम की घोषणा की।

कलात्मक विशेषताएं और आनुष्ठानिक जड़ें

  • कुटियाट्टम दो हजार साल पुरानी संस्कृत रंगमंचपरंपरा है, जो विशेष रूप से केरलके मंदिरों में प्रदर्शित की जाती है।
  • इसेयूनेस्को (UNESCO)द्वारा 2001 में'मानवता की मौखिक और अमूर्त विरासत की उत्कृष्ट कृति' के रूप में मान्यता दी गई थी।
  • अनुष्ठानिक शुद्धता बनाए रखने के लिए इसका प्रदर्शन'कूथंबलम' (Koothambalam) नामक विशेष मंदिर परिसरों में किया जाता है।
  • मिझावू (Mizhavu), जो कि तांबे का एक बड़ा ड्रम है, लयबद्ध संगत प्रदान करने वाला प्राथमिक वाद्य ....
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