पर्यटन, लॉजिस्टिक्स एवं खुदरा क्षेत्र की गतिशीलता

पर्यटन-लॉजिस्टिक्स-खुदरा का यह त्रि-आयामी संयोजन भारतीय अर्थव्यवस्था का “उपभोग और संपर्क” (Consumption & Connectivity) इंजन है।

  • जहाँ पर्यटन व्यापक मल्टीप्लायर प्रभाव के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करता है, वहीं लॉजिस्टिक्स कुशल बाज़ार पहुँच की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। दूसरी ओर, खुदरा क्षेत्र, विशेषकर डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से प्रेरित होकर, उपभोग को लोकतांत्रिक बनाता है।
  • ये तीनों क्षेत्र मिलकर घरेलू माँग को गति देने तथा सेवा अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

प्रभावित वर्ग

  • स्थानीय समुदाय: होम-स्टे अर्थव्यवस्था और आध्यात्मिक पर्यटन से लाभान्वित (जैसे वाराणसी, अयोध्या)।
  • MSME खुदरा व्यापारी: किराना स्टोर ONDC जैसे ओपन नेटवर्क के ....
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