कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म

यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (Carbon Border Adjustment Mechanism—CBAM) अपनी संक्रमण अवस्था पूर्ण करने के बाद 1 जनवरी, 2026 से पूर्ण संचालन की ओर बढ़ गया है।

  • इससे कार्बन-आधारित अनुपालन निर्यातक देशों, विशेषकर भारत के लिए एक प्रमुख व्यापारिक मुद्दा बन गया है।

दायरा

  • CBAM के प्रारंभिक दायरे में शामिल क्षेत्र:
    • लौह एवं इस्पात।
    • एल्युमिनियम।
    • सीमेंट।
    • उर्वरक।
    • बिजली।
    • हाइड्रोजन।

CBAM क्या है?

  • CBAM, EU का एक तंत्र है, जिसके अंतर्गत कुछ आयातित वस्तुओं पर कार्बन मूल्य लगाया जाता है, ताकि कार्बन लीकेज को रोका जा सके।
  • कार्बन लीकेज का अर्थ है: कठोर पर्यावरणीय नियमों वाले देशों से उत्पादन का स्थानांतरण उन देशों में होना, ....

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