ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) एवं भारत की उभरती वैश्विक ऑफशोर हब भूमिका

भारत ने स्वयं को एक कम-लागत आउटसोर्सिंग गंतव्य से आगे बढ़ाकर आज विश्व का मूल्य-संचालित ब्रेन पोर्ट स्थापित कर लिया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की वे ऑफशोर इकाइयाँ हैं, जो अब केवल वेतन-प्रबंधन या सहायक सेवाओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास (R&D), उत्पाद नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित रूपांतरण का नेतृत्व कर रही हैं। आज भारत निर्विवाद रूप से विश्व की GCC राजधानी के रूप में उभर चुका है।

प्रभावित वर्ग एवं क्षेत्र

  • ज्ञान-आधारित कार्यबल: उच्च-कौशल इंजीनियर, डेटा वैज्ञानिक एवं क्षेत्र-विशेषज्ञ (वित्त, फार्मा आदि), जिन्हें वैश्विक स्तर के वेतन प्राप्त हो ....

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