पशुधन क्षेत्र का विकास: डेयरी, मत्स्य, पोल्ट्री एवं ब्लू इकॉनॉमी

भारत में पशुधन क्षेत्र का विकास, जिसमें डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्ट्री तथा ब्लू इकॉनॉमी शामिल हैं का उद्देश्य उत्पादकता वृद्धि, मूल्य संवर्धन और आजीविका सुदृढ़ीकरण करना है। यह विकास टिकाऊ, प्रौद्योगिकी-समर्थित तथा बाज़ार-संबद्ध हस्तक्षेपों के माध्यम से कृषि विविधीकरण और ग्रामीण आय वृद्धि में निर्णायक योगदान देता है।

प्रभावित प्रमुख क्षेत्र

  • डेयरी उत्पादन एवं दुग्ध मूल्य शृंखलाएँ
  • मत्स्य पालन, जलीय कृषि (Aquaculture) एवं समुद्री संसाधन
  • पोल्ट्री एवं संबद्ध पशुधन गतिविधियाँ
  • तटीय एवं अंतर्देशीय ब्लू इकॉनॉमी प्रणालियाँ
  • प्रसंस्करण, कोल्ड-चेन एवं निर्यात अवसंरचना

संवैधानिक आधार

  • अनुच्छेद 48: राज्य को कृषि एवं पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों पर संगठित करने तथा नस्लों के संरक्षण-उन्नयन का निर्देश ....

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