खुला बाज़ार परिचालन (OMO) और डॉलर-रुपया स्वैप

दिसंबर 2025 में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अत्यधिक प्रणालीगत तरलता को नियंत्रित करने और रुपये की अस्थिरता को संतुलित करने के लिए रणनीतिक डॉलर-रुपया स्वैप तथा खुला बाज़ार परिचालन (Open Market Operations-OMO) का उपयोग किया।

  • खुला बाज़ार परिचालन (OMO) में सरकारी प्रतिभूतियों की प्रत्यक्ष खरीद या बिक्री शामिल होती है, जिससे मुद्रा आपूर्ति को विनियमित किया जाता है।
  • ये परिचालन “भारित औसत कॉल दर” (Weighted Average Call Rate-WACR) को लक्षित नीतिगत रेपो दर के अनुरूप बनाए रखने में RBI की सहायता करते हैं।
  • RBI, OMO के माध्यम से दीर्घकालिक ब्याज दरों को प्रभावित करता है तथा घरेलू बॉन्ड बाज़ार में स्थिरता बनाए ....
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