गोनियोपोरा प्रवाल

सितंबर 2025 में नेचर क्लाइमेट चेंज में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि गोनियोपोरा (Goniopora) प्रवालों में कुछ विशिष्ट एपिजेनेटिक संकेतक होते हैं, जो उन्हें लंबे समय तक चलने वाली समुद्री ऊष्मा तरंगों को सहन करने में सक्षम बनाते हैं।

  • फरवरी 2026 में केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (Central Marine Fisheries Research Institute – CMFRI) के शोधकर्ताओं ने गोनियोपोरा प्रवालों के लिए सूक्ष्म-विखंडन तकनीक का सफल प्रदर्शन किया, जिससे उनकी वृद्धि दर में लगभग 40% की वृद्धि हुई।
  • वर्ष 2025 के वैश्विक व्यापक प्रवाल विरंजन घटना के दौरान मन्नार की खाड़ी के निगरानी केंद्रों ने ....
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