वायु रक्षा प्रणालियाँ

भारत एक स्तरीकृत, स्वदेशी वायु-रक्षा संरचना को सुदृढ़ कर रहा है, जिसमें निगरानी रडार, स्वचालित कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क तथा बहु-स्तरीय सतह-से-हवा मिसाइल (SAM) प्रणालियाँ सम्मिलित हैं। यह व्यवस्था आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और सशस्त्र बलों की परिचालन तत्परता के अनुरूप विकसित की जा रही है। वायु-रक्षा प्रणाली जनसंख्या केंद्रों, महत्वपूर्ण अवसंरचना, सैन्य अड्डों तथा सीमाओं की सुरक्षा करती है। इसके माध्यम से नेटवर्कयुक्त सेंसरों, निर्णय-प्रणालियों और इंटरसेप्टरों की सहायता से विमानों, UAVs और अन्य हवाई खतरों का त्वरित पता लगाना–ट्रैक करना–पहचानना–संलग्न करना संभव होता है।

मूल अवधारणाएँ

  • बहु-स्तरीय रक्षा (Layered Defence): विभिन्न श्रेणियों (अति-अल्प/अल्प/मध्यम/लंबी दूरी) के इंटरसेप्टर ‘किल-प्रोबेबिलिटी’ (लक्ष्य विनाश की ....

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