सकारात्मक कार्रवाई के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक उत्थान

भारत में सकारात्मक कार्रवाई (Affirmative Action) से आशय उन संवैधानिक रूप से समर्थित नीतियों और कल्याणकारी हस्तक्षेपों से है, जिनका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों के लिए सामाजिक समानता, आर्थिक भागीदारी और अवसरों तक पहुँच सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था भारत के समावेशी राष्ट्रीय विकास को मजबूती प्रदान करती है।

प्रमुख लाभार्थी

  • अनुसूचित जातियाँ (SC)
  • अनुसूचित जनजातियाँ (ST)
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
  • अल्पसंख्यक समुदाय एवं दिव्यांगजन।

हालिया प्रवृत्तियाँ एवं न्यायिक दृष्टिकोण

  • सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय (अगस्त 2024): पंजाब राज्य बनाम देविंदर सिंह मामले में 7-न्यायाधीशों की पीठ ने राज्यों को SC/ST श्रेणियों के भीतर उप-वर्गीकरण (Sub-classification) ....

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