पड़ोसी देशों के साथ नदीय विवाद

भारत की अधिकांश नदी प्रणालियाँ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करती हैं या उनके साथ बहती हैं, जिससे पड़ोसी देशों के साथ साझा जल-वैज्ञानिक व्यवस्थाएँ बनती हैं। जब ऊपरी और निचले हिस्से वाले देश जल उपयोग, भंडारण, बाढ़ नियंत्रण, जलविद्युत और पारिस्थितिक प्रवाह में अलग-अलग हित रखते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय नदी विवाद उत्पन्न होते हैं। इन मुद्दों का समाधान नदी घाटी की भौगोलिक समझ, कानूनी–संस्थागत ढाँचे और नीतिगत/मध्यस्थता तंत्रों के माध्यम से सहयोगी प्रबंधन से ही संभव है। सिंधु, तीस्ता, महाकाली और ब्रह्मपुत्र प्रणालियाँ भारत और उसके पड़ोसियों (पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और चीन) के बीच ऐसी जटिलताओं का उदाहरण हैं।

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